हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब

पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों से निपटने की दिशा में रोटरी क्लब पांवटा साहिब एवं द स्कॉलर्स होम स्कूल, पांवटा साहिब ने संयुक्त रूप से “मियावाकी जंगल प्रोजेक्ट” का सफल आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य जापानी मियावाकी तकनीक के माध्यम से कम समय में सघन एवं प्राकृतिक जंगल विकसित कर क्षेत्र में हरित वातावरण को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि रोटरी इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट-3080 की डिस्ट्रिक्ट गवर्नर रोटेरियन डॉ. रीटा कालरा रहीं। उन्होंने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को स्वच्छ और सुरक्षित पर्यावरण देने की हमारी नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने सभी से पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जीवनशैली और दैनिक आदतों में सकारात्मक बदलाव अपनाने का आह्वान किया।इस अवसर पर द स्कॉलर्स होम स्कूल के डायरेक्टर एवं प्रोजेक्ट चेयरमैन रोटेरियन नरेंद्र पाल सिंह नारंग ने बताया कि मियावाकी तकनीक के माध्यम से कम जगह में तेजी से घने जंगल विकसित किए जा सकते हैं। इससे जैव विविधता को बढ़ावा मिलेगा, वायु प्रदूषण कम होगा और पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि आज लगाया गया प्रत्येक पौधा आने वाली पीढ़ियों के लिए अमूल्य धरोहर साबित होगा।

कार्यक्रम में रोटरी क्लब पांवटा साहिब के अध्यक्ष रोटेरियन यशपाल धीमान, प्रोजेक्ट को-चेयरमैन रोटेरियन राखी डांग, रोटेरियन डॉ. संजय कालरा, रोटेरियन मनीष जैन (जिला क्लस्टर, नाहन) सहित क्लब के अनेक सदस्य, द स्कॉलर्स होम स्कूल का प्रबंधन, चैंबर ऑफ कॉमर्स के प्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण और सामुदायिक सहभागिता को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। कार्यक्रम का सफल संचालन रोटेरियन राहुल गर्ग ने मास्टर ऑफ सेरेमनी के रूप में किया। अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि “साथ मिलकर अपने पर्यावरण को अधिक हरा-भरा, स्वच्छ और सुरक्षित बनाएंगे।” रोटरी क्लब पांवटा साहिब एवं द स्कॉलर्स होम स्कूल प्रबंधन ने मुख्य अतिथि डॉ. रीटा कालरा का कार्यक्रम में शामिल होकर मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायक विचार साझा करने के लिए आभार