हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब
पांवटा साहिब जिला सिरमौर के पांवटा साहिब विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले रामपुर घाट में एक निजी कंपनी के खिलाफ कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। कर्मचारियों ने कंपनी पर शोषण के गंभीर आरोप लगाते हुए कंपनी गेट के बाहर धरना-प्रदर्शन किया।कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें न तो समय पर वेतन दिया जा रहा है और न ही ओवरटाइम (ओटी) का भुगतान किया जा रहा है। उनका कहना है कि सरकार द्वारा पिछले वर्ष न्यूनतम वेतन ₹12,750 तय किया गया था, लेकिन उन्हें पिछले एक साल से केवल ₹12,000 ही दिए जा रहे हैं। वहीं, कर्मचारियों ने यह भी बताया कि इस वर्ष सरकार ने वेतन में ₹1,000 की बढ़ोतरी करते हुए इसे ₹13,750 कर दिया है, लेकिन कंपनी अभी भी बढ़ा हुआ वेतन लागू नहीं कर रही है। वर्कर्स के अनुसार, सरकार के निर्देशानुसार वेतन हर महीने 7 से 10 तारीख के बीच दिया जाना चाहिए, लेकिन कंपनी द्वारा 20 से 25 तारीख के बीच वेतन दिया जाता है, जिससे कर्मचारियों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि जब उन्होंने अपनी समस्याओं को मीडिया के सामने रखने की कोशिश की, तो कंपनी प्रबंधन ने उन्हें धमकी दी कि यदि उन्होंने ज्यादा बयानबाजी की तो उनका गेट बंद कर दिया जाएगा और उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने अपनी मुख्य मांगों में समय पर वेतन भुगतान, सरकार द्वारा निर्धारित ₹13,750 के अनुसार वेतन देने और ओवरटाइम का भुगतान सुनिश्चित करने की मांग उठाई। कर्मचारियों का यह भी कहना है कि वे पिछले 10 से 15 वर्षों से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन उन्हें न तो समय पर ओवरटाइम दिया जा रहा है और ना ही उन्हें ओटी डबल नहीं दिया जा रहा है और न ही सरकारी छुट्टियां दी जा रही हैं। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग करते हुए न्याय की गुहार लगाई और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे आंदोलन को और तेज करेंगे।
