हिमवंती मीडिया/शिमला

हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति कविन्द्र गुप्ता ने डॉ. वाई.एस. परमार औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, नौणी में आयोजित 17वीं सीनेट बैठक की अध्यक्षता की। इस अवसर पर विधायक एवं सीनेट सदस्य संजय अवस्थी व विनोद सुल्तानपुरी, कुलपति डॉ. हरमिंदर सिंह बवेजा, सीनेट के अन्य सदस्य, प्राध्यापक तथा अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक के दौरान राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, अनुसंधान एवं विस्तार गतिविधियों की समीक्षा की तथा विभिन्न महत्त्वपूर्ण विषयों पर अपने सुझाव एवं निर्देश दिए। उन्होंने राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ) में विश्वविद्यालय द्वारा प्राप्त उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्थान बागवानी, वानिकी तथा पर्वतीय कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में देशभर में अपनी विशिष्ट पहचान बना चुका है। राज्यपाल ने विश्वविद्यालय की दीर्घकालिक विकास योजना पर बल देते हुए इसे देश के अग्रणी कृषि एवं बागवानी विश्वविद्यालयों में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पाठ्यक्रमों को समयानुकूल बनाने तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डाटा एनालिटिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी जैसी आधुनिक तकनीकों को शिक्षा व्यवस्था में समुचित स्थान देने पर भी बल दिया।