हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब

सिरमौर जिले के पांवटा साहिब में गौ सेवकों द्वारा एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र की गौशालाओं में उत्पन्न हो रहे गंभीर चारा संकट को लेकर चिंता जताई गई। इस दौरान सैनवाला से गौ सेवक सतीश अग्रवाल, माजरा से अनूप अग्रवाल और पांवटा क्षेत्र से सचिन ओबेरॉय मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 15 दिनों से सूखे चारे (भूसे) की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। गौ सेवकों के अनुसार, पंजाब से आने वाला सूखा चारा यमुनानगर और नारायणगढ़ के रास्ते सिरमौर पहुंचता था, लेकिन हरियाणा के नारायणगढ़ (जिला अंबाला) और यमुनानगर में आरटीओ नाकों पर ट्रकों की आवाजाही रोक दी गई है। इससे भूसे से लदे ट्रक बॉर्डर पार नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले कभी इस तरह की स्थिति नहीं बनी, लेकिन अब लगातार 15 दिनों से सप्लाई ठप होने के कारण हालात बेहद गंभीर हो गए हैं। जिले की अधिकांश गौशालाओं में 250 से 300 तक गौवंश हैं, जिनके लिए चारे की भारी किल्लत हो रही है। गो सेवक सचिन ओबेरॉय ने बताया कि गौशालाओं के पास इतना संसाधन नहीं होता कि वे एक महीने से ज्यादा का चारा स्टॉक कर सकें, क्योंकि इसके लिए लाखों रुपये की जरूरत पड़ती है। ऐसे में कई जगह पशु भूख से तड़पने की स्थिति में पहुंच गए हैं। गौ सेवकों ने प्रशासन से मांग की है कि भूसे से भरे ट्रकों को तुरंत अनुमति दी जाए और इंटर-स्टेट बॉर्डर पर एंट्री सुनिश्चित की जाए, ताकि जल्द से जल्द चारे की सप्लाई बहाल हो सके और गौशालाओं को राहत मिल सके। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द समाधान नहीं निकला तो स्थिति और भी भयावह हो सकती