हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब
किरोग गांव में बारिश के कारण बारिश का सामना करना बेहद मुश्किल हो रहा है। रिवायतों की ज़िंदगी ही ख़त्म हो गई है। कुलथीना लुकाछिपी योजना के नाम पर प्लास्टरिंग की गई मिट्टी और मलबा अब गांव वासियों के लिए अभिशाप बन गया है। वहीं रिवॉल्यूशन का कहना है कि इस अवैध अवैध खनन से 400 से 500 खैर के पेड़ पूरी तरह से टिकाऊ हो गए हैं, जिससे न केवल पर्यावरण को नुकसान पहुंचा है बल्कि रिट्रीट की रोजमर्रा-रोटी पर भी संकट आ गया है। सिद्धांत में अब फसलें नहीं, मलबा ही मलबा रह गया है।
नवीन व के घाट और संपर्क मार्ग बंद हो गए हैं। गांव में इस दरवाजे के शीशे लगे हुए हैं कि लोग अपने ही घर में कैद होकर रह गए हैं। घुट-घुट कर जीने को मजबूर है। रिवोल्यूशन ने अपनी समस्या को लेकर प्रशासन को कई बार अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई भी अधिकारी इस पर चर्चा नहीं कर पाया है और न ही कोई समाधान हो पाया है। इसके अलावा अन्य की पीड़ा को देखते हुए भाजपा मंडल के अध्यक्ष रामेश तोमर ने इस गंभीर दुर्घटना पर सवाल उठाए हैं और मांग की है कि अवैध रूप से अवैध संबंध बनाने वालों पर कड़ी कार्रवाई की जाए और प्रभावित परिवारों को राहत दी जाए। वे प्रशासन की योजनाओं पर भी कायम हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रशासन को अब तक पूर्वजों की पीड़ा को लेकर कुछ निंदा कर लेनी चाहिए।
