हिमवंती मीडिया/सिरमौर

सिरमौर जिले के गिरीपार क्षेत्र में मनाया जाने वाला माघी पर्व क्षेत्र की हाटी समुदाय की एक विशिष्ट और पारंपरिक पहचान है। यह पर्व 28 गते पौष 11 जनवरी को मनाया जाता है। माघी को गिरीपार में ‘भातियोज’ और ‘खोड़ा’ पर्व के रूप में भी मनाया जाता है। यह न केवल सामाजिक महत्व रखता है, बल्कि अपनी अनोखी परंपराओं और सामूहिक सहभागिता के लिए भी प्रसिद्ध है। माघी पर्व को गिरीपार का सबसे खर्चीला और बड़ा त्योहार माना जाता है। इस दिन क्षेत्र में एक ही दिन में हजारों की संख्या में बकरे, सुअर और खाड्डू (भेड़) काटे जाते हैं, जिनकी कीमत करोड़ों रुपये तक पहुंच जाती है।

काटे गए पशुओं का मांस पूरे महीने रिश्तेदारों और मेहमानों की खातिरदारी में परोसा जाता है। इस अवसर पर दूर-दराज से परिजन व रिश्तेदार अपने गांव पहुंचते हैं और सामाजिक मेल-जोल को मजबूत करते हैं। हाटी समुदाय में माघी पर्व से जुड़ी कई विशेष परंपराएं हैं। शादीशुदा बेटियों को हर वर्ष माघी का हिस्सा दिया जाता है।