हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब

पांवटा साहिब के हिल व्यू पब्लिक स्कूल में भारतीय-तिब्बती सांस्कृतिक विरासत एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। यह आयोजन परम पावन दलाई लामा के 90वें जन्मदिवस को “करुणा वर्ष” के रूप में मनाने के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के दौरान तिब्बती समिति धर्मशाला से पहुंचे प्रतिनिधियों की उपस्थिति में विद्यालय परिसर में दुर्लभ एवं ज्ञानवर्धक प्रदर्शनी लगाई गई। वहीं विद्यालय सभागार में तिब्बती प्राइमरी स्कूल भूपपुर और पुरूवाला के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर सभी का मन मोह लिया। हिल व्यू पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने भी सुंदर नृत्य एवं हिमाचली नाटी प्रस्तुत कर खूब वाहवाही बटोरी। कार्यक्रम का शुभारंभ वंदे मातरम् से हुआ, जबकि मंच संचालन भव्या और हिमानी ने किया। स्वागत भाषण विद्यालय की प्रधानाचार्या आशू शर्मा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में सोम चमन एजुकेशनल सोसाइटी के चेयरमैन अरविंद गोयल एवं पूनम गोयल उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में परम पावन दलाई लामा के हिंदी अनुवादक डॉ. कैलाश चंद्र बुद्धा, विद्यालय के अंशुल गोयल, तिब्बती समिति भूपपुर के सेटलमेंट अधिकारी किड्स पैराडाइज स्कूल की डायरेक्टर चारुल गोयल सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

विद्यालय के शैक्षणिक निदेशक अजय शर्मा ने विद्यार्थियों को भारतीय एवं तिब्बती संस्कृति के महत्व, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत से अवगत कराते हुए अपनी जड़ों से जुड़े रहने का संदेश दिया। वहीं डायरेक्टर अंशुल गोयल ने विद्यार्थियों की सक्रिय भागीदारी की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। तिब्बती समाज की ओर से तेनजिन दावा एवं अन्य प्रतिनिधियों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। तिब्बती समाज द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक नृत्यों ने दोनों संस्कृतियों की समृद्ध परंपराओं को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया। वहीं शिफा ग्रुप द्वारा प्रस्तुत हिमाचली नाटी ने पूरे माहौल को उत्साह और उमंग से भर दिया। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय परिवार एवं तिब्बती सोसाइटी के बीच सांस्कृतिक सौहार्द और भाईचारे का संदेश देखने को मिला। अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया तथा कोऑर्डिनेटर नीतू सिंह ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।