हिमवंती मीडिया/शिमला

राज्यपाल कविन्द्र गुप्ता ने बिलासपुर जिले में सतलुज नदी पर स्थित भाखड़ा बांध का दौरा किया। यह बांध एशिया के सबसे बड़े ग्रेविटी बांधों में से एक है और स्वतंत्र भारत की इंजीनियरिंग विरासत की एक ऐतिहासिक उपलब्धि है। राज्यपाल ने बांध क्षेत्र का दौरा किया और इसकी विशाल संरचना के भीतर स्थित टर्बाइन और विद्युत स्टेशनों का निरीक्षण किया। उन्होंने बिजली उत्पादन मशीनरी का अवलोकन किया और इंजीनियरिंग व रखरखाव कर्मचारियों की तकनीकी विशेषज्ञता और समर्पण की सराहना की, जो इस महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय संपत्ति के निर्बाध और कुशल संचालन को सुनिश्चित करते हैं। इस अवसर पर राज्यपाल को बांध की परिचालन स्थिति, जल भंडारण स्तर, बिजली उत्पादन क्षमता और बांध के संरचनात्मक ढांचे व बेहतरीन कार्य प्रणाली सुनिश्चित करने के लिए चल रहे रखरखाव कार्यों के बारे में जानकारी दी गई।

राज्यपाल को कई राज्यों की सिंचाई और पेयजल की ज़रूरतों को पूरा करने में बांध की महत्त्वपूर्ण भूमिका के साथ-साथ क्षेत्र में जलविद्युत उत्पादन में इसके महत्त्वपूर्ण योगदान से भी अवगत करवाया गया। राज्यपाल ने कहा कि भाखड़ा बांध आधुनिक भारत के निर्माताओं की दूर दृष्टि और संकल्प का एक जीवंत प्रमाण है। उन्होंने कहा कि यह बांध पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश के लाखों लोगों के लिए जीवनरेखा के रूप में काम करता आ रहा है। यह सिंचाई, पेयजल और बिजली उत्पादन के लिए पानी उपलब्ध कराता है, जो कृषि और औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को बनाए रखता है। सीपी सिंह और भाखड़ा बांध प्रबंधन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्यपाल के आगमन पर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर भाखड़ा बांध प्रबंधन बोर्ड और लोक भवन के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।