हिमवंती मीडिया/शिमला
हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति ने जिला परिषद भवन में वरिष्ठ नागरिक दिवस को मनाने की एक नायाब पहल करते हुए इस दिन को संगठन के 70वर्ष की आयु पार कर चुके करीब दो दर्जन नेतृत्वकारी सदस्यों के अनुभवो को साँझा किया। उन्हीं के द्वारा मंच संचालन करके वरिष्ठ युवाओं का कनिष्ट युवाओं से संपर्क बनाते हुए समाज मे एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया।
कार्यक्रम में सबसे वरिष्ठ 89 वर्षीय सदस्य एनआर हितेषी, 86 वर्षीय आर एल चौहान, 83 वर्षीय एचएन शांडिल, 84 वर्षीय प्रो0 केएस धीर, 83 वर्षीय प्रो0 आरके पठानिया, 82वर्षीय प्रो0 टीडी वर्मा, 78वर्षीय उर्मिल ठाकुर सहित विश्वनाथ शर्मा, गणेश दत शर्मा, पूर्व प्रधान धोन्गु राम, हरिराम शास्त्री, मदन मोहन अत्री, पीसी कश्यप, कली राम, मोहन लाल सहित सेवानिवृत मनोवैज्ञानिक डॉ रवि भूषण तथा सेवानिवृत हिमाचल प्रशासनिक अधिकारी रविंद्र शर्मा आदि सदस्यों सम्मानितकिया तथा उन्होने संगठन के प्रति समर्पित अपने विचारों को साँझा किया।
समिति के राज्य सचिव सत्यवान पुंडीर ने संगठन की नींव से जुड़े तथा सामाजिक पूंजी के रूप में ऐसे वरिष्ठ युवाओं को संगठन का गौरव बताया। पुंडीर ने बताया कि जन विज्ञान आंदोलन में ऐसे सैंकड़ों वरिष्ठ युवा अभी भी आंदोलन की प्रेरणा हैं। राष्ट्रीय स्तर से शुरू करें तो जन विज्ञान आन्दोलन के पुरोधा एवं न्यूक्लियर वैज्ञानिक रहे तथा भारत ज्ञान विज्ञान समिति के संस्थापक सचिव डॉ. एम.पी. परमेश्वरन 90 वर्ष की आयु पार करने के बावजूद आज भी आंदोलन को मजबूत करने और विस्तार देने के लिए नए और नवाचारी विचार देने के लिए तत्पर रहते हैं। हिमाचल में जन विज्ञान आंदोलन एवं साक्षरता अभियान के पुरोधा और हिमाचल ज्ञान विज्ञान समिति के पूर्व राज्य अध्यक्ष रहे प्रो. सुंदर लोहिया 91 की आयु में भी मानसिक मजबूती के साथ खड़े हैं। वरिष्ठ युवाओं की उम्र की सीमा अगर 70 मान लें तो ऐसे सेंकड़ों साथी होंगे जो संगठन में नेतृत्व और सक्रिय योगदान दे रहे होंगे। समिति आजकल प्रदेश में युवाओं में बढ़ते नशे की समस्या के संकट को देखते हुए बचाओ अभियान चला रही है जिसमें संगठन से जुड़े इन वरिष्ठ तथा कनिष्ट युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका सामने आ रही है।
