हिमवंती मीडिया/पांवटा साहिब
गोंदपुर औद्योगिक क्षेत्र में स्थित मेडिफोर्स हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड यूनिट-II के खिलाफ वन भूमि पर कथित अतिक्रमण को लेकर शिकायत सामने आई है। शिकायतकर्ता ने पांवटा साहिब के वन मंडल अधिकारी (DFO) को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की जांच करवाने और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्लॉट नंबर 46, इंडस्ट्रियल एरिया गोंदपुर स्थित उक्त इकाई द्वारा कथित तौर पर वन भूमि के हिस्से में लंबे समय से कब्जा किया गया है। शिकायत में करीब 15 वर्षों से अधिक समय से वन भूमि के इस्तेमाल तथा 500 KVA DG सेट और स्क्रैप यार्ड से संबंधित गंभीर आरोप लगाए गए हैं।शिकायतकर्ता के साथ मजदूर नेता प्रदीप चौहान भी मौजूद रहे। इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदीप चौहान ने कहा कि उन्हें वन विभाग पर पूरा विश्वास है और उम्मीद है कि विभाग शिकायत पर निष्पक्ष जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई करेगा।
प्रदीप चौहान ने कहा कि “हमें विभाग पर पूरा विश्वास है कि इस मामले में जांच होगी और जो भी सच्चाई सामने आएगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। लेकिन अगर विभाग की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई तो हम इस मामले को लेकर उच्च अधिकारियों के कार्यालय जाएंगे और जरूरत पड़ी तो मुख्यमंत्री के दरबार तक भी जाएंगे। उन्होंने कहा कि मामला वन भूमि से जुड़ा है, इसलिए इसकी निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है। मौके की निशानदेही करवाकर राजस्व और वन रिकॉर्ड की जांच की जानी चाहिए, ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके। वहीं, शिकायतकर्ता की ओर से DFO कार्यालय में सौंपे गए आवेदन पर शिकायत प्राप्त होने की मुहर भी दिखाई दे रही है। अब सभी की निगाहें वन विभाग की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। वन विभाग की जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि संबंधित भूमि की वास्तविक स्थिति क्या है और वहां किसी प्रकार की अनुमति के तहत गतिविधियां संचालित की जा रही हैं या नहीं।
