हिमवंती मीडिया/शिमला

बस्ती से सटे भट्टाकूफर में भारी इमारतों से क्षतिग्रस्त हुए रिहायशी मकान में डूबे फोरलेन से प्रभावित क्षेत्र का न्यूनतम सुरेश कश्यप ने दौरा किया और प्रभावित परिवार का कुशलक्षेम से पूछा। लोगों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि जिन परिवारों के घरों में फोरलेन के निर्माण के कारण नुकसान हुआ है, उनकी एकता वसीयत के लिए भारत और प्रदेश सरकार के साथ मिलकर काम किया जाएगा। इंडियन राय नेशनल हाई मार्ग अथॉरिटी (एनएच धर्मशाला) के प्रोजेक्ट डायरेक्टर आनंद देइया से बातचीत के बाद बताया गया कि जो प्रभावित परिवार किराए के मकान में रह रहे हैं, वे अपनी दुकान एनएच फ्लैट में स्थापित कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त जमीन में टूटे-फूटे आने से जिन मकानों को खतरा पैदा हो गया है, उन सभी राक्षसों को एनएच फिल्म कोस्ट पर भर दिया जाएगा। नाविकों को दिए गए निर्देश में कहा गया है कि जिन बिंदुओं पर कंकरीट डांगे की जरूरत है, उन सभी जगहों पर एनएच हाउस द्वारा मकानों की सुरक्षा हेतू पक्के डांगे लगाए जाएंगे।

सुरेश कश्यप ने कहा कि लोगों से बार-बार आग्रह किया जाता है कि स्थानीय विधायक और कैबिनेट मंत्री ने भी इस समस्या का समाधान कभी नहीं किया है अन्यथा आज लोगों को यह दर्जा नहीं दिया गया है। प्रदेश सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि प्रदेश सरकार ने अभी तक भाटाकुफर के प्रभावित परिवारों के लिए कोई व्यवस्था नहीं की है। इस आपदा का ठीकरा प्रदेश सरकार पर फोड़ते हुए कहा कि अगर प्रदेश सरकार ने लोगों की इस समस्या पर भारत सरकार के भूतल एवं परिवहन मंत्रालय पर सहमति जताई तो समय रहते इस गंभीर समस्या का कोई समाधान निकाला जाए। रिहायश ने कहा कि वह दिल्ली में इस समस्या के बारे में क्रेडीया भूतल एवं ट्रांसपोर्टेशन मिनिस्ट्री के कलाकारों से बातचीत करें और इसके बारे में कोई ठोस निर्णय लेने का आग्रह करें। जिला भगत भाजपा के पूर्व अध्यक्ष प्रेम ठाकुर ने न्यूनतम को बताया कि इस समस्या को लेकर पिछले साल आध्यात्म ने गावर कंपनी का काम बंद कर दिया था, जिस पर स्थानीय नेता आए और लोगों को एकजुटता दिखाने के बाद गावर कंपनी में स्थायी काम शुरू कर दिया गया। रावे ने कहा कि स्थानीय नेता इस मुद्दे को ‍क्रोएशियाई राजनीति में शामिल कर रहे हैं।