हिमवंती मीडिया/शिमला

मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंदर सिंह सुक्खू ने कहा है कि प्रदेश के अधिकारी, कर्मचारी और पेंशनभोगी तीन प्रतिशत महंगाई की किश्तें माह के वेतन और पेंशन के साथ रखें। उन्होंने कहा कि अप्रैल से सितंबर 2025 तक कर्मचारियों के कर्मचारियों के लिए निवेशक माह में जमा कर दिया जाएगा। वहीं जुलाई 2023 से मार्च 2025 तक ड्यूक राइस के बारे में अलग-अलग क्रम जारी किए जाएंगे। हिमाचल प्रदेश बिजली बोर्ड कर्मचारी संघ के दो पदों के आम उद्घाटन अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बोर्ड के कर्मचारियों के संघ के सदस्यों के साथ पुरानी पेंशन योजना पर चर्चा के बाद आने वाले समय में विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिजली बोर्ड में सुधार की आवश्यकता है और कर्मचारियों के सहयोग के बिना यह संभव नहीं है। आज उहल प्रोजेक्ट से बिजली उत्पादन का खर्च 27 रुपये प्रति यूनिट आ रहा है, जिसके लिए बोर्ड के अधिकारी की बड़ी जिम्मेदारी है। बिजली में बोर्ड कर्मचारियों का खर्च प्रति यूनिट 2.50 रुपये है, क्योंकि बोर्ड में अधिकारियों की संख्या कहीं अधिक है और छोटे कर्मचारियों को उनका वित्तीय लाभ नहीं मिल रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने बिजली बोर्ड के कर्मचारियों को अपने वित्तीय लाभ के लिए 2200 करोड़ रुपये जारी किए हैं। वर्तमान राज्य सरकार के कार्यकाल में 2023 से सितंबर 2025 तक पेंशन कंपनी धारकों को ग्रेच्युटी, चिकित्सा प्रति भोजन, अवकाश नकदीकरण और पेंशन पेंशन धारकों के रूप में कुल 662.81 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है और इसी वर्ष के अंत तक 70 करोड़ रुपये का भुगतान और किया जाएगा। सभी कर्मचारियों के लिए मेडिकल प्रोफेशनल का भुगतान केन्द्रित किया गया है और इसका साप्ताहिक आधार जारी किया जा रहा है, जिसमें कोई भी कर्मचारी शामिल नहीं है। उन्होंने बोर्ड को अपने आउटसोर्स कर्मचारियों की किसी भी दुर्घटना में घायल होने की सूचना के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बोर्ड के संबद्ध सहयोगियों पर भी तत्काल प्रभाव की मांग की गयी है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को ओपीएस दी तो हिमाचल प्रदेश के भाजपा नेताओं के दबाव में केंद्र सरकार ने राज्य की आमद बोरिंग बंद कर दी। ओ को पासपोर्ट लेने के लिए बार-बार केंद्र से पत्र भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आने वाले तीन-चार महीने आर्थिक तंगी है, लेकिन जल्द ही आर्थिक स्थिति ठीक हो जाएगी।

मुख्यमंत्री ने पिछली भाजपा सरकार पर जनता का धन लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि स्थिर राज्य सरकार पर 75 हजार करोड़ का कर्ज और 10 हजार करोड़ कर्मचारियों की साखियां विरासत में मिलीं। उन्होंने कहा, ”अगर आज कर्मचारियों को उनका लाभ नहीं मिल रहा है तो इसका कोई कारण नहीं है क्योंकि किसी ने भी प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की ओर ध्यान नहीं दिया। सुक्खू ने कहा कि पिछली बीजेपी सरकार ने 2022 के चुनाव में पहले 600 शिक्षण संस्थान खोले थे, लेकिन हमें अगली कड़ी शिक्षा लेकर जाना बंद करना पड़ा। उन्होंने कहा कि हमने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की घोषणा की है, जिससे हिमाचल प्रदेश में 21वें स्थान से 5वें स्थान पर गुणात्मक शिक्षा प्रदान की जा सके। यही हाल स्वास्थ्य क्षेत्र का था और इसमें भी सुधार किया गया है। वर्तमान राज्य सरकार 20-20 साल पुरानी मंडियों को बदल रही है और सभी मेडिकल संस्थाओं को मजबूत कर रही है। प्रदेश में पीईटी स्कैन और थ्री लॉबी मार्ट म्युनिसिपल स्थितियाँ जा रही हैं। वर्तमान राज्य सरकार ने रोबोटिक सर्जरी की सुविधा की कैमियाना अस्पताल और टांडा मेडिकल कॉलेज में शुरुआत की है और आने वाले समय में राज्य सरकार नई तकनीक लाने पर 3000 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रही है। दूध की खरीददारी में ऐतिहासिक मोटरसाइकिल की खरीददारी की गई है। प्राकृतिक खेती से गेहूँ, मक्की, जौ और कोल हल्दी को समर्थन मूल्य दिया जा रहा है। इस कंपनी पर मुख्यमंत्री ने यूनियन की स्मारक को भी वापस भेज दिया। इससे पहले विभिन्न यूनियनों के इंजीनियरों ने सीएम का कार्यक्रम में सोसायटी में स्वागत किया। इस अवसर पर अभिनेता संजय साकेत, ऋषि जननाथ, राष्ट्रवादी सिंह, कांग्रेस नेता सुंदर मनकोटिया, बिजली बोर्ड के पति प्रबोध सक्सेना, प्रबंधक निदेशक आदित्य नेगी, ऑल इंजीनियर्स यूनियन के अध्यक्ष लोकेश ठाकुर, उपाध्यक्ष हीरा लाल वर्मा, एचपीएसई एबिल स्टाफ के यूनियन अध्यक्ष कामेश्वर दत्त शर्मा सहित अन्य सलाहकार शामिल हैं।